भारत का भागौलिक परिवेश || Physical Features of India
भारत
का भौगोलिक परिवेश में लगभग सभी प्रकार के भौगोलिक पाये जाते हैं| इसका कारण भारत का विस्तार व तटीय
अवस्थिति है| भौगोलिक
रूप से भारत को पाँच इकाईयों में बांटा जाता है- उत्तर का पर्वतीय भाग, उत्तरी मैदान, दक्षिणी पठार, तटीय मैदान व द्वीपीय भाग| इन सभी भौगोलिक इकाईयों की निर्माण
प्रक्रिया व संरचना अलग-अलग प्रकार की है|
भारत का भौगोलिक विभाजन में भारत को 4 भाग में बांटा जाता है।
1)
उत्तर का पर्वतीय प्रदेश 3)
प्रायद्वीपीय पठार
2) उत्तर का विशाल मैदान 4) तटीय मैदान एवं द्वीप समूह
उत्तर का पर्वतीय प्रदेश
यह
प्रदेश धनुषाकार रूप में 4 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है जिसमें
हिमालय पर्वत श्रेणी, ट्रांस
हिमालय, और
पूर्वांचल की पहाड़ियां शामिल है।
1)
हिमालय पर्वत श्रेणी:- हिमालय का विस्तार सिन्धु नदी के गार्ज से ब्रम्हपुत्र नदी
के गार्ज तक लगभग 2400 कि.मी लम्बे क्षेत्र में है। यह विश्व का नवीनतम मोडदार
पर्वत है। इसका निर्माण इओसीन से प्लायोसीन काल में टेथिस सागर कि भू-सन्नति में
हुआ था। इसे भौगोलिक रूप से 3 भागों में बांटा गया है।
शिवालिक
हिमालय:- हिमालय के इस सबसे दक्षिणी भाग को बाहय हिमालय या उप हिमालय भी कहते है।
इसकी औसत ऊंचाई लगभग 6000 मी। है। इसके मध्यवर्ती मैदानी भाग को “दून” कहते है।
2)
ट्रांस हिमालय :- यह महान हिमालय के उत्तर और तिब्बत के दक्षिण में स्थित है।
इसमें कराकोरम, लद्दाख,
जास्कर, और कैलाश पर्वत श्रेणियां प्रमुख है।
ट्रांस हिमालय में भारत कि सबसे ऊँची और विश्व कि दूसरी सबसे ऊँची चोटी गॉडविन
ऑस्टिन (K-2)
8611 मी। कराकोरम श्रेणी में स्थित है। सिन्धु, सतलुज, और ब्रम्हपुत्र इस श्रेणी कि प्रमुख
नदियाँ है। भारत का सबसे बड़ा हिमनद “बाल्टेरों” इसी में स्थित है।
उत्तर के विशाल मैदान :-
उत्तर
के पर्वतीय प्रदेश और प्रायद्वीपीय पठार के बीच लगभग 7।5 लाख वर्ग कि.मी क्षेत्र
में विस्तृत इस भाग कि लम्बाई 2400 कि.मी और चौड़ाई 100 कि।मी। से 500 कि.मी के
मध्य है। यह विश्व का सबसे विशाल जलोढ़ निर्मित मैदान है। इसका निर्माण
प्लीस्टोसीन और होलोसीन युग में हुआ माना जाता है। विशाल मैदान को प्रादेशिक रूप
से 4 भागों में बांटा गया है।
पंजाब
हरियाणा का मैदान:- इसका निर्माण सतलुज,
रावी, और व्यास नदियों द्वारा हुआ है। यह भाग
मुख्यतः बांगर मिट्टी का है। दो नदियों के बीच भू-भाग को दोआब कहते है।
राजस्थान
का मैदान:- इसके अंतर्गत राजस्थान का शुष्क प्रदेश और अरावली के पश्चिम का बांगर
प्रदेश शामिल है।।यहाँ कि मुख्या नदी लूनी है। इसमें डीडवाना, संभार, डेगाना जैसी खरे पानी कि झीलें है।
गंगा
का मैदान:- भारत के इस सबसे उपजाऊ कृषि आधारित प्रदेश का विस्तार उत्तर प्रदेश,
बिहार, प।बंगाल तक है। यह क्षेत्र नहरों के
द्वारा सिंचित है।
ब्रम्हपुत्र
का मैदान:- हिमालय पर्वत और मेघालय पठार के बीच स्थित यह एक लम्बा व संकरा मैदान
है। इसमें विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप “माजुली” स्थित है।
प्रायद्वीपीय
पठार :-
यह
आर्कियन चट्टानों से निर्मित विश्व का प्राचीनतम पठार है। भारत के इस प्रदेश कि
औसत ऊंचाई 450 मी। से 750 मी। के बीच है। प्रायद्वीपीय पठार में निम्न प्रमुख
पर्वत है।
तटीय मैदान एवं द्वीप समूह :-
भारत
में तटीय मैदानों का विस्तार पूर्वी एवं पश्चिमी घाट में है।
पश्चिम
तटीय मैदान :- उत्तर में कच्छ से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक विस्तृत इस तटीय
मैदान के अंतर्गत कच्छ प्रायद्वीप, काठियावाड़ प्रायद्वीप, कोंकण तट (गोवा-महाराष्ट्र), कन्नड़ तट (कर्नाटक) और मालाबार तट
(केरल) शामिल है। प्रसिध्द वेम्बनाद झील (केरल) इसी में स्थित है। यह मैदान नारियल,
रबड़, चाय, और मसाले के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध
है |
पूर्वी
तटीय मैदान:- यह मैदान उत्तर में गंगा के मुहाने से कुमारी अंतरीप तक फैला है।
इसके उत्तरी भाग को उत्तरी सरकार और दक्षिणी भाग को कोरोमंडल तट कहते है। यह मैदान
पश्चिमी तट से अधिक चौड़ा है | बालू के जमाव और मैदान के मध्य समुद्री जल के
जमा होने से कई लैगूनों जैसे कोलेरू, चिल्का, का निर्माण हुआ है |
द्वीप
समूह :- भारत में द्वीपों की संख्या लगभग 247 है जिनमे से लगभग 204 बंगाल की खाड़ी
में और शेष अरब सागर में स्थित है। अरब सागर में स्थित लक्ष्यद्वीप द्वीप समूह
प्रवाल भित्ति निर्मित द्वीप है, कावारात्ति, अमिनीदीव आदि अरब सागर के अन्य प्रमुख
द्वीप है इसमें से मिनीकाय द्वीप सबसे बड़ा है।
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